हर AI यूजर को प्राइवेसी से जुड़े ये सवाल जरूर पूछने चाहिए
डिजिटल आइसोलेशन का दौर अब खत्म हो चुका है। दशकों तक, प्राइवेसी का मतलब सिर्फ यह कंट्रोल करना था कि आपकी फाइलें कौन देख सकता है या आपके मैसेज कौन पढ़ सकता है। आज, चुनौती पूरी तरह से अलग है। Large language models सिर्फ आपका डेटा स्टोर नहीं करते, वे उसे ‘खा’ जाते हैं।